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संत सीचेवाल की चुनावी घोषणापत्र को कानूनी दस्तावेज बनाने की मांग, मुख्य चुनाव आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

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पंजाब वातावरण लोक चेतना लहर का नेतृत्व कर रहे वातावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल और कन्वीनर काहन सिंह पन्नू ने राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणापत्र को कानूनी दस्तावेज बनाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य चुनाव आयुक्त को सौंपा, जिन्होंने इसे केंद्रीय मुख्य चुनाव आयुक्त तक पहुंचाकर इस पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि पंजाब पांच दरियाओं की धरती है और कुदरत ने इसे असंख्य नियामते दी हैं। आज पांच दरियाओं की धरती बेआब और ज़हरआब होती जा रही है। सोने की चिड़िया के नाम के साथ जाने जाते पंजाब में आज हमारी हवा, पानी और धरती तीनों ही बुरी तरह प्रदूषित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां हर 5 वर्ष बाद लोग अपनी वोट की ताकत के साथ सरकार चुनते हैं। दुख की बात है कि हर बार लोक सेवा के नाम पर पार्टियां सत्ता तो हासिल कर लेती हैं, लेकिन लोगों के जीवन के साथ जुड़े चुनाव घोषणा पत्र को लेकर हमेशा चुप रहती हैं।

संत सीचेवाल ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए लोगों का जागरूक होना बेहद ज़रूरी है। पढ़ा-लिखा और बुद्धिमान वर्ग मतदान को लेकर इसलिए उदासीन होता है क्योंकि उसे महसूस होता है कि राजनेताओं ने जो वादे चुनाव घोषणापत्र में किए हैं, उन्हें वह पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में वोट डालना एक मजबूरी बन कर रह गया है क्योंकि लोग तभी वोट के अधिकार का उचित प्रयोग करेंगे जब उन्हें उपयुक्त माहौल प्रदान किया जायेगा।