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जालन्धर सैंट्रल हल्के से रजिन्द्र बेरी को 73 हजार से ज्यादा वोटरों ने किया रिजैक्ट, इस तरह डूबी बेरी की नैया, पढ़े



अनिल वर्मा




Jalandhar Central जालन्धर सैंट्रल हल्के से कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक राजिन्द्र बेरी का घमंड कल चूर चूर हुआ है। इस हल्के के 73  हजार से ज्यादा वोटरों ने बेरी रिजैक्ट करके अन्य पार्टियों पर विश्वास जताया है जिसमें आम आदमी पार्टी के रमन अरोड़ा सबसे अधिक वोट हासिल कर सैंट्रल हल्के से विधायक बने है। बेरी की हार के पीछे पार्षदों की नाराजगी तथा वोटरों से दूरी बनाना मुख्य आधार रहा। कोरोना महामारी दौरान बेरी ने गरीब वर्ग को मिलने वाला अनाज तक डंप कर लिया और जरूरमंदों तक नहीं पहुंचाया। इस दौरान बेरी की सैट्रल हल्के के गरीब वर्ग में काफी इमेज गिरी थी। चुनावो से पहले बेरी के खिलाफ 11 पार्षदों ने आवाज बुलंद कर बेरी को टिकट न देने के लिए कांग्रेस हाईकमान तक कई चिट्ठियां लिखी जिसमें महिला कांग्रेस जसलीन सेठी, महिंद्र सिंह गुल्लू, बब्बी चड्डा, मनदीप जस्सल तथा खुद मेयर जगदीश राजा शामिल थे।

 

 

चाहे बाद में बेरी ने सबको मनाने के लिए संतोख चौधरी का सहारा लिया मगर असल में किसी भी कांग्रेस पार्षद ने बेरी को जिताने में कोई काम नहीं किया। बेरी इस लड़ाई में अकेले ही रथ पर सवार थे जिसमें कोई सारथी नहीं था। विधायकी जाने के बाद अब बेरी का नगर निगम सहित अन्य सभी विभागों में दबदबा खत्म हो गया है। खासतौर पर सैंट्रल हल्के में बेरी की शह पर तैयार करवाई गई अवैध इमारतों पर भी  नगर निगम डिच चलाने की तैयारी कर रहा है। 

 

बेरी के हारते ही लद्देवाली, वड़िंग तथा होश्यिारपुर रोड की अवैध कालोनियों में गिरे प्लाटों को भाव

बेरी के विधायक रहते इन इलाकों में कई अवैध कालोनियां काटी गई जिसके खिलाफ नगर निगम के टाऊन प्लानिंग विभाग ने कई बार कारवाई करनी चाही मगर यहां बेरी के दबदबे के कारण कोई कारवाई नहीं हो पाई। विधानसभा 2022 के नतीजेे आते ही अब सैंट्रल हल्के के अधीन काटी गई अवैध कालोनियों में भाव तेजी से गिर गए है। यहां कालोनाईजर के माथे पर चिंता की लकीरे साफ देखी जा सकती है। टाऊन प्लानिंग विभाग अब सैंट्रल हल्के में काटी जा रही अवैध कालोनियों की शिकायतों को खंगाल रहा है। माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही सैंट्रल हल्के में टाऊन प्लानिंग विभाग बड़ी कारवाई की शुरुआत करेगा।