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इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले के मुख्य आरोपित पूर्व चेयरमैन व कांग्रेस नेता रमन बाला सुब्रामण्यम अभी भी अंडरग्राऊंड, जांच रुकी

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इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले के मुख्य आरोपित पूर्व चेयरमैन व कांग्रेस नेता रमन बाला सुब्रामण्यम विजिलेंस के हाथ नहीं आ रहे हैं। मामला दर्ज होने के 38 दिन बाद भी पुलिस बाला सुब्रामण्यम तक नहीं पहुंच सकी है। यही नहीं पिछले बारह दिन में कोई नई डिवेल्पमेंट भी नहीं है और न ही विजीलेंस ने कोई गिरफ्तारी ही की है। यही कारण है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घाेटाले के मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। जबकि आरोप लगे थे कि कई करोड़ रुपये का गबन प्लाटों की अलाटमेंट हुआ है।

बताया जा रहा है कि रमन बालासुब्रामण्यम पहले हैदराबाद में अपना इलाज करवाने गए हुए थे और एफआइआर दर्ज होने के बाद वह वहीं से लापता हो गए। बताया जा रहा है कि उन्हें कांग्रेस के एक बड़े नेता की तरफ से संरक्षण दिलाया गया है और वह किसी अन्य राज्य में छिपे हुए हैं। पुलिस की तरफ से इस मामले में ईओ कुलजीत कौर, दो क्लर्काें को काबू किया था। उनके घर पर हुई सर्च के दौरान छह लाख रुपये की नगदी बरामद हुई बताई गई थी। विजिलेंस बड़े स्तर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का रिकार्ड भी कब्जे में ले चुकी है।

पुलिस की तरफ से सबसे पहले 14 जुलाई को एक बूथ की पेंडिंग राशी की वन टाइम सेटलमेंट करवाने के लिए 10 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद विजीलेंस ने उसके ब्यान पर ही विजीलेंस ने 27 जुलाई को एक्स चेयरमैन रमन बालासु्ब्रामण्यम, ईओ कुलजीत कौर, सेल कलर्क प्रवीन कुमार, एसडीओ अंकित गर्ग और पूर्व चेयरमेन के पीए संदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि रिशी बाल्मीकि नगर के प्लाटों के अलाटमेंट में बड़े स्तर पर गबन किया गया है।